विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-अमेरिका संबंध अब अधिक लेन-देन आधारित और कॉर्पोरेट हितों से संचालित होते जा रहे हैं, जबकि वे राजनीतिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक आधार कमज़ोर पड़ रहे हैं, जिन्होंने पहले इन संबंधों को मज़बूती दी थी.

विज्ञापन