डॉ॰ प्रचंद गोहर, जिन्होंने 1 फ़रवरी 1926 को राजशाही जेल से रिहा किया था, को अपनी राजनीतिक गतिविधियों के आयोजक के रूप में मदरपुर वापस सक्रिय किया गया था। उन्हें स्वागत के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था, अपने अद्वितीय नेतृत्व और संगठनात्मक कौशल के लिए जब उन्हें नियत और Asm-Summer Fisherman एसोसिएशन के सदस्य के रूप में होस्ट किया गया था। वह सम्मेलन के कॉल में मछली पकड़ने वाले श्रमिकों में भी शामिल होने में सक्षम है
टोलपुर में मां की ओबार्ट असेंबली
डॉ॰ प्रचंद गोहर, जिन्होंने 1 फ़रवरी 1926 को राजशाही जेल से रिहा किया था, को अपनी राजनीतिक गतिविधियों के आयोजक के रूप में मदरपुर वापस सक्रिय किया गया था। उन्हें स्वागत के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था, अपने अद्वितीय नेतृत्व और संगठनात्मक कौशल के लिए जब उन्हें नियत और Asm-Summer Fisherman एसोसिएशन के सदस्य के रूप में होस्ट किया गया था। वह सम्मेलन के कॉल में मछली पकड़ने वाले श्रमिकों में भी शामिल होने में सक्षम है

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