फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छर की सूझबूझ ने कई जानें बचाने में अहम भूमिका निभाई. उनकी बहादुरी की चर्चा के बीच 1986 की नीरजा भनोट की कहानी भी याद आती है.

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