'पाकीज़ा' एक बार फिर पर्दे पर लौट रही, आख़िर इस फ़िल्म को बनने में 15 साल क्यों लगे थे?
18 अक्तूबर 2026 को सेंट्रल लंदन के बीएफ़आई आईमैक्स में होने वाली इस ख़ास स्क्रीनिंग के सभी टिकट करीब एक महीने पहले ही पूरे बिक चुके हैं. टिकटों का ‘सोल्ड आउट’ होना इस बात की गवाही है कि रिलीज़ के 54 साल बाद भी ‘पाकीज़ा’ का जादू बरक़रार है. गुज़रा वक़्त उसकी चमक को धुंधला नहीं कर पाया.
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'पाकीज़ा' एक बार फिर पर्दे पर लौट रही, आख़िर इस फ़िल्म को बनने में 15 साल क्यों लगे थे? — चित्र साभार: BBC News हिन्दी
18 अक्तूबर 2026 को सेंट्रल लंदन के बीएफ़आई आईमैक्स में होने वाली इस ख़ास स्क्रीनिंग के सभी टिकट करीब एक महीने पहले ही पूरे बिक चुके हैं. टिकटों का ‘सोल्ड आउट’ होना इस बात की गवाही है कि रिलीज़ के 54 साल बाद भी ‘पाकीज़ा’ का जादू बरक़रार है. गुज़रा वक़्त उसकी चमक को धुंधला नहीं कर पाया.