एक अध्ययन से पता चला है कि हर दिन लोग 350 शब्दों के बारे में बात करने से बचना चाहते हैं। इस घटना के कारण क्या हैं? वैज्ञानिक मथिया मेहल ने बीबीसी स्पेशल कॉर्रेस्पोन्डेंट कैटी के साथ इस पर चर्चा की।

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