'क़ानून के दायरे से बाहर कोई हिरासत ना हो' प्रोटेस्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट की विशेष सुनवाई
ख़ास सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेट्रो और रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी. इन्हें सिर्फ़ तभी रोका जा सकेगा, जब क़ानून के तहत ऐसा करना ज़रूरी हो. अदालत ने यह भी कहा कि क़ानूनी प्रावधानों के तहत ज़रूरी होने पर ही इंटरनेट सेवाएं बाधित की जा सकेंगी.
RocksNews पर प्रकाशित
अद्यतन
भाषा
हिन्दी
'क़ानून के दायरे से बाहर कोई हिरासत ना हो' प्रोटेस्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट की विशेष सुनवाई — चित्र साभार: BBC News हिन्दी
ख़ास सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेट्रो और रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी. इन्हें सिर्फ़ तभी रोका जा सकेगा, जब क़ानून के तहत ऐसा करना ज़रूरी हो. अदालत ने यह भी कहा कि क़ानूनी प्रावधानों के तहत ज़रूरी होने पर ही इंटरनेट सेवाएं बाधित की जा सकेंगी.