यह नई पीढ़ी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को उजागर करने की जिम्मेदारी है।
उनका जन्म 15 दिसम्बर 1947 को हुआ था। मुक्ति युद्ध के दौरान उन्होंने पॉलाशेगा युवा शिविर में मुख्य हथियार प्रशिक्षक और कमांडर के रूप में कार्य किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


